बेघर लोगों के जीवन की सुरक्षा हेतु पत्र
सेवा में,
श्रीमान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक,
वाराणसी
विषय: वाराणसी जनपद की सड़कों, गलियों में लावारिश हालत में सड़क के किनारे जीवन गुजारने को मजबूर इंसान
महोदय,
कृपया इस पत्र के साथ संलग्न समाचार पत्र की कटिंग व फोटो
का संदर्भ लेने का कष्ट करें, जिसमें वाराणसी के चेतगंज थाने के ठीक बगल में स्थित
दंत चिकित्सक की क्लिनिक के बगल की दुकान के सामने पटरी पर विगत 2 वर्षों से अधिक
समय से अकेली महिला फटेहाल अपना जीवन किसी तरह गुजारने को मजबूर है तथा इसी तरह
बेनियाबाग, गौतम बुद्धा हास्टल के पास विगत 3 वर्षों से अधिक समय से विकलांग लड़का
फुटपाथ पर अपनी जिंदगी काट रहा है |
पुलिस व स्थानीय प्रशासन के लोगों द्वारा देखे जाने के
बावजूद उनके जीवन की सुरक्षा ओ जीवन यापन के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं करते हैं
| तथा अपनी जिम्मेदारी से मुह मोदते हैं जिसके कारण येसे लोगों की जिंदगी जानवर से
भी बद्तर हो गयी है तथा सड़क के किनारे पड़े/फेकें जूठन, सड़े-गले खाद्य पदार्थ या
दूसरे के दिये खाने को खाने तथा गंदा पानी पीकर जीने को व सड़क के किनारे जानवरों
के बीच मॉल-मूत्र में सोने को मजबूर हैं | बरसात व ठंड के दिनों में इनकी स्थिति
और गंभीर वव नारकीय हो जाती है |
समाचार पत्र में प्रकाशित समाचार के अनुसार कंट्रोल रुम
(100) नंबर पर सूचना देने पर पुलिस आती है और केवल देखकर तथा अधिकार क्षेत्र न
होने का बहाना कर चली जाती है | जबकि समाचार पत्र के अनुसार यह कार्य स्थानीय
पुलिस का ही है |
कृपया पत्र के साथ संलग्न फोटो के संबंध में उचित व स्थाई
कार्यवाही करते हुए जिले के सभी थाना क्षेत्रों में इस तरह के लावारिश/बेघर
व्यक्तियों/महिलाओं हेतु लगातार अभियान चलाकर उनके जीवन की सुरक्षा हेतु लिखित
निर्देश जारी करें तथा संबंधित थानों की जिम्मेदारी तय करें |इन लोगों की फोटो
फेसबुक पर भी डाले जिससे इनके घर-परिवार के लोग इन्हें पहचान कर इन्हें अपने साथ
ले जा सकें |
कृपया कृत
कार्यवाही व निर्देश से संस्था को भी सूचित करने के कष्ट करें |
संलग्न-पीड़ितों की फोटो (2 फोटो)
समाचार पत्र की कॉपी (1 पेज)
प्रतिलिपि निम्न
को ईमेल से आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित-
1- पुलिस
महानिरीक्षक, वाराणसी रेंज |
2- पुलिस
महानिरीक्षक, उत्तर प्रदेश |
3- माननीय
मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश |
4- प्रमुख सचिव,
उत्तर प्रदेश
5- जिलाधिकारी
वाराणसी |
6- आयुक्त वाराणसी |
भवदीय
अनिल
कुमार मौर्य



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