ग्रामीणों की दुर्दशा के लिए जिम्मेदार कौन |
मित्रों,
दिनांक-02-02-2014 को वाराणसी जनपद के चिरईगांव विकास खंड के ग्राम सभा चिरईगांव में स्थित 'लिटिल कान्वेंट स्कूल' के प्रांगण में दोपहर 1.00 बजे से ग्राम सभा चिरईगांव व रुस्तमपुर की आम ग्रामीणों के साथ 'सत्यमेव जयते' संस्था का संवाद था |
इस संवाद का मुख्य उददेस्य ग्रामीण लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना था | इस बैठक के पहले भी पूर्व के 4 रविवार को इसी प्रकार की बैठक इसी स्थान पर हो चुकी थी | इस बैठक में उपस्थित ग्रामीणों में 80% ग्रामीण दलित थे | जिनके पुनरोद्धार हेतु अधिकतर स्वयं सेवी संस्थाए काम कर रही हैं |
मैं किसी पर इल्जाम नहीं लगा रहा परन्तु बड़ा आश्चर्य हो रहा है कि अभी तक इनके पास कोई क्यों नहीं पहुंचा | जबकि यह क्षेत्र एकदम शहर से सटा हुआ है | यह भी आश्चर्य हुआ कि जब एकदम शहर से सटे क्षेत्र में यह स्थिति है तो अन्य जगहों के लोगों की क्या दशा होगी |
ज्यादा कोई समस्या नहीं थी बस कुछ गिनी चुनी समस्याएं जैसे- राशन कार्ड, पहचान पत्र, मनरेगा जॉब कार्ड, जिसका कार्ड है उसे काम, वृद्धा विधवा विकलांग पेंशन और आवास | यही समस्या विगत कई वर्षों से हर जगह बनी हुई है पर इसका आज तक समाधान ही नहीं हो सका | जबकि मेरी जानकारी में अभी तक 4 तरीके की आवास योजना है -
1- इंदिरा आवास योजना
2- कांशीराम आवास योजना
3- लोहिया आवास योजना
4- राजीव आवास योजना
आज तक मुझे यह नहीं समझ में आया कि यह किसको और कैसे मिलता है |
इस बैठक में जिन लोगों ने मेरा प्रमुख रूप से साथ दिया व जिनका मैं तहे दिल से आभारी हूँ उनके नाम हैं- श्री बृजेश कुमार श्रीवास्तव (एडवोकेट), श्री मो० आरिफ सलीम अंसारी (सामाजिक कार्यकर्ता), श्री गोविंद राय (सामाजिक कार्यकर्ता), श्री इंद्रजीत वर्मा (सामाजिक कार्यकर्ता) व विशेष सहयोग श्रीमती बबिता मौर्या जी का जिन्होंने अपने विद्यालय में लगातार 5 सप्ताह से यह बैठक करायी |
बड़ा तरस आता है मुझे अपने जन्म पर |
आगे भी यात्रा जारी रहेगी !!!!!!!!!!!!!!
अनिल कुमार मौर्य
मो०न०-9125040585
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