वाराणसी जनपद के चिरईगांव विकास खंड के ग्राम सभा चिरईगांव व रुस्तमपुर के मजदूरों के मानवाधिकार हनन की शिकायत
सेवा में,
अध्यक्ष महोदय,
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग,
नई दिल्ली
विषय: वाराणसी प्रशासन
द्वारा चिरईगांव विकास खंड के रुस्तमपुर व चिरईगांव ग्राम सभा के मनरेगा मजदूर को
काम न देने, नए मजदूरों का मनरेगा में जॉब कार्ड न बनाने व पात्रों को वृद्धावस्था
व विधवा पेंशन प्रार्थना पत्र मिलने के बाद भी न दिये जाने की शिकायत
महोदय,
संलग्न प्रार्थना पत्रों का संदर्भ ग्रहण
करने की कृपा करें | हमारी संस्था गाँव-गाँव में घूम-घूम कर कैंप लगाकर सरकार
द्वारा चलाये जा रहे कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करते हुए संबंधित ग्रामीणों
का आवेदन करने में मदद करती है |
इसी कार्य के अंतर्गत ऊपर उल्लिखित 2 ग्राम
सभाओं में कई मनरेगा मजदूरों को जॉब कार्ड होने के बाद भी काम नहीं मिलने पर
संस्था द्वारा सभी का प्रार्थना पत्र भरवाकर खंड विकास अधिकारी को भेजा गया परंतु
अभी तक लोगों को काम नहीं मिला | और न ही मनरेगा कानून के तहत काम न मिलने पर
बेगारी भत्ता ही मिला |
जिनका जॉब कार्ड नहीं बना है उन लोगों ने
अपना जॉब कार्ड बनवाने हेतु आवेदन दिया था उनको अभी तक जॉब कार्ड भी नहीं जारी हुआ
| इससे यह प्रतीत होता है कि प्रशासन मजदूरों के अधिकारों के प्रति लापरवाह है |
इसी प्रकार इन 2 ग्राम सभा के बहुत से
वृद्धावस्था व विधवा लोगों को पात्र होने के बाद भी पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल
रहा है | जिसकी शिकायत इन लोगों ने मुख्य विकास अधिकारी से पत्र भेजकर की थी | पर
कोई कार्रवाई अभी तक नहीं हुई |
श्रीमान जी इन 2 ग्राम सभाओं की हालत अत्यंत
दयनीय है और कानून बने होने के बाद भी इन्हें काम न देकर इन्हें भूखे मरने को
मजबूर किया जा रहा है |
कृपया जाँच कराकर उचित कार्रवाई करने की
कृपा करें |
संलग्न-यथोपरी
|
दिनांक-25-02-14 भवदीय
अनिल कुमार मौर्य
(राष्ट्रीय
अध्यक्ष)
जन अधिकार मंच
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