कुपोषण वाली जनहित याचिका (27499/2017) में प्रतिवादी की तरफ से उच्च न्यायालय में दिया गया गोल मोल जवाब

http://peoplerightforum.blogspot.com/2017/06/5-23.html

महोदय,
       उपरोक्त संलग्न लिंक का संदर्भ ग्रहण करने की कृपा करें, कुपोषण वाली जनहित याचिका में जिला कार्यक्रम अधिकारी ने जो जवाब लगाया है उसके बिंदु संख्या 4 के अनुसार वाराणसी जनपद में 10.02.2016 से 14.12.2016 कुल 10 माह में कराये गए सर्वे में कुल 94066 आंशिक रुप से कुपोषित और 39108 अति कुपोषित बच्चे पाए गए |

         बिंदु संख्या 8 में इनका कहना है कि अति कुपोषित बच्चों के पुनर्वास हेतु दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में इनके रहने खाने की और इलाज की व्यवस्था की गयी है | 

अब सवाल यह उठता है कि इस अस्पताल में कुपोषित बच्चों के लिए जो पोषण पुनर्वास केंद्र बनाया गया है उसमे 1 कुपोषित बच्चे को 14 दिन रखा जाता है तो अब तक 39108 अति कुपोषित में से कितने बच्चे इसमें इलाज करा पाए होंगे यह स्वयं समझा जा सकता है |

इसी प्रकार इस जवाब के साथ कुछ बच्चो का माह वार ग्रोथ चार्ट भी लगाया गया है जिसके पेज 2 के अनुसार विजय कुमार नामक बच्चा भारती होता है 8.5 किलो पर और 6 माह बाद उसका वजन हो जाता है 7 किलो |


हालत बहुत चिंताजनक है वो भी तब जब तमाम गैर सरकारी संगठन कुपोषित बच्चों के कल्याण के नाम पर सरकार और प्राइवेट कंपनियों से खूब धन ले रहे हैं |






















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