वाराणसी के अपर नगर मजिस्ट्रेट चतुर्थ द्वारा मेरे खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए लिखित में मेरे खिलाफ गलत आरोप अपने पत्र में लिखे जाने पर आप श्रीमान द्वारा उचित कार्रवाई करने हेतु पत्र-
from: anil mourya <anilmourya38@gmail.com>
to: hrd-nhrc@nic.in,
hrda.india@gmail.com,
Hrd-ra@ohchr.org,
hrd@forum-asia.org,
akpnhrc@yahoo.com
date: Sat, Nov 30, 2013 at 2:37 PM
subject: मानवाधिकार कार्यकर्ता के जीवन की सुरक्षा करने हेतु पत्र-
mailed-by: gmail.com
to: hrd-nhrc@nic.in,
hrda.india@gmail.com,
Hrd-ra@ohchr.org,
hrd@forum-asia.org,
akpnhrc@yahoo.com
date: Sat, Nov 30, 2013 at 2:37 PM
subject: मानवाधिकार कार्यकर्ता के जीवन की सुरक्षा करने हेतु पत्र-
mailed-by: gmail.com
सेवा में,
अध्यक्ष महोदय,
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली
विषय: वाराणसी के अपर नगर मजिस्ट्रेट चतुर्थ द्वारा मेरे खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए लिखित में मेरे खिलाफ गलत आरोप अपने पत्र में लिखे जाने पर आप श्रीमान द्वारा उचित कार्रवाई करने हेतु पत्र-
महोदय,
मै अनिल कुमार मौर्या निवासी मकान न०-8/45 पुरानी चुंगी, शिवपुर, वाराणसी का रहने वाला हूँ व सामाजिक कार्यकर्ता हूँ | मैंने एलपीजी ग्राहकों के लिये "केन्द्रीय सूचना आयोग", नई दिल्ली से सिटीजन चार्टर का आदेश कराया है, इस मामले में गैस वितरकों ने मेरे खिलाफ शिवपुर थाने में झूठा प्रार्थना पत्र देकर मुझे 24 घंटे से ज्यादा लॉकअप में बन्द कराया था जो मामला आपके यहाँ विचाराधीन है, शिकायत संख्या है-(20596/24/72/2012/NH) इस पत्र के द्वारा अपने वाराणसी के जिलाधिकारी व वरिस्ट पुलिस अधीक्षक से 4 सप्ताह में रिपोर्ट मांगी थी पर यह नोटिस न तो जिलाधिकारी के यहाँ पहुंची और न ही वरिस्ट पुलिस अधीक्षक, वाराणसी के पास | येसा दोनों विभाग ने लिखकर दिया है |
इस प्रकरण के बाद मैंने फर्जी विद्यालयों द्वारा किये जा रहे छात्रवित्ति घोटाले की जाँच कराकर 4 विद्यालयों के खिलाफ शिवपुर थाने में fir दर्ज करायी, जिस पर थाने के विवेचना अधिकारी द्वारा सही जाँच नहीं की जा रही है, जिसकी शिकायत मैंने एसएसपी वाराणसी को पत्र भेजकर किया | विद्यालय की शिकायत करने पर भी छात्रवित्ति माफियाओं द्वारा जान-माल की धमकी दी गयी जिसकी शिकायत मैंने आपको किया, जिस पर आपके यहाँ से dig वाराणसी को नोटिस भेजकर 4 सप्ताह में रिपोर्ट माँगा गया | यह केस भी अभी तक आपके यहाँ विचाराधीन है |
अब ताज़ा मामला अपर नगर मजिस्ट्रेट चतुर्थ का है जिन्होंने मेरे खिलाफ झूठा आरोप लगा दिया है | जबकि मेरा इस सीमेंट गोदाम मालिक से कोई रंजीश नहीं है, यह तो शिवपुर पुलिस और अपर नगर मजिस्ट्रेट चतुर्थ मुझे फ़साना चाहते हैं, जिस कारण से यह षड्यंत्र रचा जा रहा है |
संलग्न पत्र का अवलोकन करने की कृपा करें, मेरे चाचा जी ने सीमेंट गोदाम से होने वाले प्रदुषण की शिकायत प्रदुषण विभाग से की थी जिस पर प्रदुषण विभाग ने जाँच कर कार्रवाई हेतु नगर मजिस्ट्रेट, वाराणसी को पत्र लोक न्यूसेंस 133 के तहत लिखा है |
नगर मजिस्ट्रेट ने इस रिपोर्ट पर कार्रवाई हेतु पत्र अपर नगर मजिस्ट्रेट 4 को भेज दिया, पर उनके द्वारा मेरे चाचा जी का ही उत्पीड़न किया जाने लगा जिसकी शिकायत मेरे चाचा जी ने तहसील दिवस पर जिलाधिकारी महोदय से की |
जिस पर ACM 4 ने जो रिपोर्ट दिया है उसका सन्दर्भ ग्रहण करें, इसमें एक लाइन लिखा है कि "अनिल मौर्या पेशबंदी में पुरानी रंजीश को लेकर शिकायत कर रहा है |" पहली बात तो यह कि ACM 4 द्वारा अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया है | “शिकायत कर रहा है”, अंडरलाइन किया हुआ है, क्या मै ACM 4 का नौकर हूँ, जो इन्होने इस तरह पत्र लिखा है या फिर मै कोई बदमाश हूँ | किस योग्यता के आधार पर इन्हें ACM 4 जैसा जिम्मेदार पद दिया गया है | यह भी मेरी समझ से परे है, दूसरी बात ये कि ये किस पुरानी रंजीश की बात कर रहे हैं उसका भी जिक्र इस पत्र में नहीं है, इससे यह साफ़ स्पष्ट है कि किसी निजी लाभ के कारण इनके द्वारा इस सीमेंट गोदाम के मालिक का बचाव किया जा रहा है जो कि जाँच का विषय है, तीसरी बात- प्रदुषण है कि नहीं इसकी जाँच न तो पुलिस कर सकती है और न ही कोई मजिस्ट्रेट | यह काम सिर्फ प्रदुषण विभाग ही कर सकता है | जो उसने पूरी ईमानदारी से किया है |
अत: श्रीमान जी से विनम्र प्रार्थना है कि ACM 4 द्वारा आम नागरिक के प्रति किये गये इस व्यवहार के लिये आप उन्हें दण्डित करने की कृपा करें, क्योंकि जो अधिकारी अपने पत्र में इस प्रकार अभद्र भाषा लिख सकता है वो आम नागरिकों से मिलने पर किस भाषा का प्रयोग करते होंगे | यह अत्यन्त सोचनीय विषय है |
इसी प्रकार एक अनाथ व मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति की शिकायत भी जिलाधिकारी वाराणसी से फोटो के साथ किया था, जिसकी वजह से शिवपुर पुलिस को व अपर नगर मजिस्ट्रेट 4 को भागदौड़ करना पड़ा, इस तरह के कामों की वजह से ये लोग मुझसे चिढ़े हुए हैं और फ़साने का षड्यंत्र रच रहे हैं |
कृपया मेरे जान-माल की रक्षा करने की कृपा करें, व इन सभी मामलों की उच्च स्तरीय जाँच कराने की कृपा करें ताकि दोषी लोग दण्डित हो सकें अन्यथा जिस प्रकार मेरा उत्पीड़न किया जा रहा है, मेरे पास आत्महत्या में अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है |
अनिल कुमार मौर्या.
एस. 8/45 पुरानी चुंगी ,शिवपुर, वाराणसी.-221003
मो० न0 -9125040585
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें